बाल विवाह पर प्रशासन की कड़ी नज़र नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
ठाणे।अक्षय तृतीया जिसे बहुत ही शुभ अवसर माना जाता है, के मौके पर महाराष्ट्र राज्य में बड़ी संख्या में सामूहिक और व्यक्तिगत विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं। इस दौरान बाल विवाह की दर में वृद्धि की प्रबल संभावना के कारण, प्रशासन द्वारा एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
बाल विवाह समाज के विकास में एक बड़ी बाधा है और इस अवांछनीय प्रथा को रोकने के लिए, बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 को पूरे राज्य में सख्ती से लागू किया गया है। इस अधिनियम के अनुसार, बाल विवाह का आयोजन एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है, और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।इस अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासन ने ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर विशेष अधिकारी नियुक्त किए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ग्राम सेवक और शहरी क्षेत्रों के लिए बाल विकास परियोजना अधिकारी को बाल विवाह रोकथाम अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी बच्चों के अधिकारों की रक्षा और संभावित बाल विवाह को रोकने के लिए खास कोशिश करेंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ठाणे जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने में आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बहुत काम आएगी।बाल विवाह को रोकना सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन भी है, और नागरिकों से भी ऐसा करने की अपील की गई है।
अगर किसी को भी अपने इलाके, परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों में बाल विवाह होते हुए दिखे, तो वे तुरंत अलर्ट होकर प्रशासन को बताएं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1098 या 181 पर संपर्क करने की सुविधा दी गई है। प्रशासन ने इस प्रेस नोट के जरिए यह विश्वास जताया है कि समाज के हर वर्ग को इस काम में मिलकर पॉजिटिव बदलाव लाने के लिए आगे आना चाहिए, ताकि ठाणे जिले को सच में बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।
Reviewed by Dinesh Shukla
on
अप्रैल 18, 2026
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