ठाणे मनपा प्रशासन की उड़ी नीद दो दिनों में 22 मरीजों की मौत
ठाणे। पिछले दो दिनों में 22 मरीजों की मौत होने से बाकी अन्य मरीजों में दहशत का माहौल ठाणे मनपा के स्वामित्व वाले छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल कलवा और ठाणे के सिविल अस्पताल में पालघर,नासिक,जव्हार, वाडा, मोखाडा, रायगढ़ जिलों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते थे। मुरबाड, भिवंडी, शाहपुर से लेकर कसारा, कर्जत तक के गरीब,आदिवासी, किसान इलाज के लिए सिविल में दौड़ते थे।
तो वही अब सिविल अस्पताल को तोड़ दिया गया है और अब उस जगह पर नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है। इसलिए सिविल अस्पताल को ठाणे के तीन हात नाका इंटरनिटी मॉल के पीछे मेंटल अस्पताल की जगह स्थानांतरित किया गया है.अब धीरे धीरे मरीज मेंटल परिसर में बने सिविल अस्पताल में इलाज के लिए जा भी रहे है.
परन्तु कई लोगों को इस अस्पताल के बारे में जानकारी ही नहीं है तो वही कई लोग इस अस्पताल में जाने से कतराते हैं क्योंकि यह अस्पताल मुख्य शहर से दूर है।
ठाणे शहर में सिविल अस्पताल पुराने जगह पर नहीं होने कारण अब मरीजों का बोझ कलवा के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में बढ़ हुआ है. अब तक 600 मरीजों को भर्ती किया गया है. जबकि कलवा छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल में 500 बेड की क्षमता है।इसलिए वहां भी मरीजों के बढ़ते तनाव के कारण इलाज में लापरवाही होने से दो दिनों में 22 मरीजों की जान जा चुकी है.
मरीजों की जनजागरूकता के लिए शहर भर में प्रवासी को सिविल अस्पताल का पता बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं.हालाँकि, न केवल ग्रामीण क्षेत्रों से बल्कि शहरी क्षेत्रों से भी मरीज़ ठाणे के केंद्रीय स्थान में उपचार सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।तो वही अब इन 22मरीजों के मौत होने से राजनीतिक गलियारों से वर्तमान सरकार व ठाणे मनपा प्रशासन के ऊपर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ा हुआ है.
ठाणे मनपा प्रशासन की उड़ी नीद दो दिनों में 22 मरीजों की मौत
Reviewed by Chief Editor.Dinesh C.Shukla
on
सितंबर 13, 2023
Rating:
Reviewed by Chief Editor.Dinesh C.Shukla
on
सितंबर 13, 2023
Rating:


